Safety engineering Courses in Hindi

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    Theoretical part of climbing training

    सेफ्टी इंजीनियरिंग कोर्सेज  (Safety Engineering Courses ) –

    Safety Engineering Course

    Safety Engineering का course शुरू करने से पहले students के दिमाग में यह बात घूमती है कि safety engineering kya hai , तो मैं आप को बताना चाहता हूँ  Safety Engineering एक ऐसा कोर्स हैं जिसे कोई भी Student (10 +2) के बाद आसानी से  करके  किसी भी company में सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्ति हो सकते हैं.

    Safety Engineering Courses  बात करें तो यह केवल 10+2 अर्थात बारहवीं के आधार पर नहीं होता है बल्कि बहुत से ऐसे courses होते हैं जिसे करने के लिए graduation (B.Sc.) के साथ किसी भी trade से 3 years diploma का होना आवश्यक होता है

    Safety Engineering के क्षेत्र में बहुत सारे कोर्सेज हैं, One Year Diploma से लेकर 3 years या फिर 4 years  तक और सभी courses एक से बढ़कर एक हैं. जिसे करने के पश्चात आसानी से किसी company के अंदर company payroll पर या फिर contractor के under में   Safety Engineer के पद पर आसानी से जॉब पा सकते हैं.

    Safety Engineer Courses के अंतर्गत बहुत सारे trade आते हैं जिसे आप अपनी सहूलियत या रुचि के अनुसार कर सकते हैं. बहुत से student होते हैं जिनके पास financial  problem है तो वह 1 year diploma का course किसी private institution से करके आसानी से किसी contractor के under में जॉब पा सकते हैं.

    लेकिन उसमें से बहुत सारे student हैं जो लंबे समय का course को प्राथमिकता देना चाहते हैं तो वह किसी UGC recognized university में admission लेकर या फिर ऐसे संस्थान जो किसी university से affiliation लिया हो तो उसमें प्रवेश लेकर  3 years का course कर सकते हैं.

    यहाँ नीचे safety engineer  से संबन्धित कुछ course के बारे में अवगत करा रहे हैं जिसे आप अपनी सुविधा के अनुसार चुन सकते हैं –

    • Diploma in Fire and Safety –

    Types of Course – Under Graduate Degree

    Eligibility – 10+2 Any Stream

    Duration – 1- 2 Years

    • B. Tech in Safety and Fire Engineering –

    Types of Course – Bachelor Degree  (Safety Engineering Graduate Program)

    Eligibility –  10+2 Science Stream ( Physics and Mathematics compulsory with 50% mark )

    Duration – 4 Years

    • B.E. in Safety and Fire Engineering – 

    Types of Courses – B.E. Safety and Fire Engineering  ( Safety Engineering Graduate Program)

    Eligibility – 10+2 Science Stream ( Physics and Mathematics compulsory with 50% mark )

    Duration – 4 Years

    • M.Tech in Safety and Fire Engineering –

    Type of Course – Post Graduate Degree

    Eligibility –  B.E /B.Tech or  any other equivalent qualification in relevant subject with minimum 60% marks

    Duration – 2 Years

    इसके अलावा safety engineering के बहुत सारे courses होते हैं जिसके बारे में यहाँ बता पाना संभव नहीं है. उपर्युक्त course के अलावा हम यहाँ पर कुछ ऐसे course के बारे में नीचे बता रहा हूँ जिसे करने के बाद आप किसी भी company में contractor के साथ जुड़ कर एक सुरक्षा सलाहकार के रूप में काम कर सकते हैं. जो निम्न है –

    1. One Year Diploma in Industrial Safety.

    2. One Year Diploma in Fire and Industrial Safety Management.

    3. One Year Diploma in Fire and Safety Management.

    4. HSE (Heath Safety Environment)

    5. Advance Diploma in Industrial Safety Management

    6. IOSH

    7. NEBOSH (HSW/IGC)

    Safety Engineering क्यों करना चाहिए –

    Safety Engineering Courses करने के पीछे बहुत सारे कारण हैं लेकिन यहाँ पर कुछ कारणों को गिनना चाहूँगा. आप जब इस course को करने के मन बनाते हैं तो दिमाग में इस field में scope को लेकर सबसे पहला प्रश्न आता है कि क्या course करने के पश्चात इस आसानी से job मिल जाएगा या फिर उन लाखों engineering  की तरह interview के लिए office का चक्कर काटना पड़ेगा.

    आप को बताना चाहूँगा आप ने पिछले 6 से 7 सालों में देखा होगा कि भारत का infrastructure कितना तेजी से develop कर रहा हैं जिसके कारण पिछले कुछ सालों से safety engineer की demand बढ़ी है जिसके कारण institution से लेकर university तक सभी ने इस courses को प्राथमिकता प्रदान की है क्योकि यह ऐसा क्षेत्र बन गया है जिसे करने के बाद आसानी से job मिल जा रहा है.

    चूँकि सरकार के कड़े नियमों एक कारण सभी company और contractor सुरक्षा को प्राथमिकता देने लगे हैं जिसके कारण और अधिक संख्या में इसकी माँग बढ़ी है.

    आज से कुछ साल पहले तक देखते थे कि छोटे contractor कभी safety को priority नहीं देते थे लेकिन सरकार के कड़े कदम के कारण वह भी safety professional को रखने लगे हैं और अच्छी salary के साथ सुविधायें भी उपलब्ध कराने लगे हैं.

    Safety Engineer Salary –

    Safety Engineering  Courses जैसे  ऊपर बताया गया है पूरा करने के पश्चात आप के skill के अनुसार company सैलरी देती है.

    हाँ इतना कह सकते हैं जैसे आप ने under graduate course किया है तो आप को 15k to 18k salary आसानी से मिल सकती है और अगर आप से higher courses किया हुया है तो company आप को सभी सुविधाओं सहित आप के skill के अनुसार अच्छी salary offer. करती है.

    Safety Engineering  Jobs –

    Safety Engineer jobs के लिए  आए दिन vacancies निकलती रहती है  लेकिन Safety Engineering Jobs पाने का जो सबसे अच्छा तरीका है वह यह कि बहुत सारे ऐसे website हैं जिस पर आप CV upload कर telephonic interview देकर आसनी से जॉब पा सकते हैं और मिल भी जाता है. इसके  अलावा बहुत सारी agency भारत में manpower supply का काम कर रही हैं जो बिना किसी भी प्रकार के charge के ही placement दिला रही हैं जिससे contact करके या अपनी CV उन्हे forward करके आसानी से job पा सकते हैं.

    इसके अलावा आप जिस संस्था में पढ़ाई कर रहे हैं admission लेने से पहले उन संस्थाओं के placement record को जान लें और यह भी जाने कि क्या उन संस्था में campus placement होता है या नहीं यह सब जानने के बात ही उस संस्थान में admission लें.

    http://www.naukri.com

    कोर्स करने के लिए Skill –

    इस कोर्स को करने के लिए बहुत ज्यादा स्किल की ज़रूरत नहीं होती है लेकिन जो सबसे महत्वपूर्ण स्किल है जो इस Field में आप को बहुत जल्दी ऊँचाई में ले जा सकता है।

    1. Students का अंतर्मुखी होना- 

    विद्यार्थी के पास कॉमन सेन्स के साथ- साथ safety के फील्ड में अच्छी जानकारी होना चाहिए. मेरे कहने के तात्पर्य यह है की किताबी जानकारी इस क्षेत्र में  बहुत मायने रखता हैं. इसलिए student को regular classes पर basically जोर देना चाहिए.

    अन्यथा कोई भी जॉब आप के लिए एक challenging task बन जाएगा और आप के लिए लम्बे समय तक किसी भी साइट पर टिकना मुश्किल हो जाएगा, और frustrate हो कर कभी भी आप जॉब छोड़ देगें.

    कुछ विद्यार्थियों के साथ यह समस्या होती है और जल्दी ही जॉब से ऊब कर इसे लेफ्ट देते हैं और यह बातें बस सेफ्टी इंजीनियरिंग के फील्ड के लिए ही नहीं बल्कि सभी क्षेत्रों में लागू होता है.

    2. Students का बहुमुखी होना – 

    Safety Engineering का फील्ड ऐसा हैं जहाँ आप को किताबी जानकारी के साथ लोगों से Communicate करने की क्षमता होनी चाहिए. क्योंकि इस क्षेत्र के विद्यार्थियों का काम construction field  या किसी कंपनी में work  कर रहे employee के साथ सुरक्षा से संबन्धित चर्चा करना होता है.

    अगर ऐसे में आप को पब्लिक में बोलने से डर लगता है तो आप को जितना जल्दी हो सके इसे दूर करें, अन्यथा आप को site पर problem  create  हो सकती है. इसलिए आप को class में TBT (Tool  Box Talk ) पर basically focus करना चाहिए जिसे आप अपने इस कमी को जितना जल्दी हो सके दूर करना चाहिए.

    3. Study के लिए Institution का चुनाव –

    किसी भी संस्था में पढ़ने के लिए सबसे पहले उस Institution के बारे में भली भाँति जान लें, कि क्या सस्थाएं जिस facilities के बारे में अपने website या advertise के माध्यम से अपने पोस्टर या banner पर जिस Facilities के बारे में लिख रही हैं वह उपलब्ध कराती हैं या नहीं.

    सबसे अच्छा procedure है की आप वहाँ Demo  क्लास कर Institution  का आकलन कर सकते हैं तो अच्छा यही होगा, कि admission लेने से पहले सस्था से भली-भांति परिचित हो जाएँ, और अगर आप के आस पास कोई विद्यार्थी पढ़ा है तो उससे Feed  Back लेना न भूलें अन्यथा Admission लेने के बाद हो सके तो आप को पछताने पड़े.

    4. Easily Placement-

    यही एक ऐसा क्षेत्र  है जहाँ course करने के बाद आप को ज्यादा भटकने कि ज़रुरत नहीं पड़ती है और आप को आसानी से संस्था के द्वारा नौकरी उपलब्ध करा दिया जाता है. और आप अपने को बहुत ही कम समय में बुलन्दियों पर देखने लगते हैं.

    वर्तमान समय में या कह सकते हैं कि आने वाले समय में इस course का इतना demand होगा कि उतने safety के skilled person मिलने मुश्किल हो जायेंगे. आज भी देखा जाये तो इस क्षेत्र में skilled person की  कमी है और सभी कम्पनि ढूँढने के लिये आतुर हैं.

    Conclusion-

    अगर आप सही में Safety Engineering के field में अपना career बनाना चाहते है तो सबसे पहले Safety Engineering  के बारे में जाने, और अपनी रूचि को परखें. Safety engineering के क्षेत्र में काम करने वालों की जॉब प्रोफाइल जाने फिर सब कुछ  जानने के बाद खुद आत्मनिरीक्षण करें.

    अगर सब कुछ आप के personality को सूट करता है फिर इस फील्ड में करियर बनाने के लिए आगे आये और मुझे उम्मीद हैं की सब कुछ जानने के बाद आप इस फील्ड career  बनाने के लिए तत्पर दिखेंगें क्योकि इससे कम समय में और कम  पैसे में कोई ऐसा course  नहीं जो नयी उचाईयों पर ले जा सके.

                            “आइये हम साथ मिल कर आप के जिज्ञासा को शांत करे और आप के सपनों को एक नयी उड़ान दें.”

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