Know About MSDS16 Section in Hindi

MSDS 16 Section –

MSDS 16 Section को जानना उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो chemical plant, refinery या फिर ऐसे स्थान पर कार्य कर रहे हैं जहाँ कार्य के दौरान chemical की आवश्यकता होती है. ऐसे स्थान पर कार्य करने वाले employees को msds 16 section के बारे में पता होना चाहिए. क्योंकि इस msds 16 section के अनुसार प्रत्येक chemical की properties और उस chemical से होने वाले physical और environmental health hazards के बारे में दिया होता है.

इसके अलावा जो chemical heath और environmental के लिए नुकसानदायक होते हैं उनके protective measure और safety precaution के साथ handling, storing और transporting आदि के बारे में बताया गया होता है.

आज  इस पोस्ट के माध्यम से msds16 section के बारे में जानेगें. वैसे आप को एक बात अवश्य बताना चाहूंगा कि बहुत ऐसे देश होते हैं जहाँ msds के 9 section के बारे में ही बताया जाता है. लेकिन भारत में msds 16 section की जानकारी रखना आवश्यक होता है इसलिए हम यहाँ msds 16 section के बारे जानेगें.

आइये प्रत्येक msds 16 section को अलग-अलग समझते हैं कि कौन सा section किस बात से सम्बंधित हैं.

Section 1 – Identification :

  • Product Identifier (उत्पाद पहचानकर्ता का नाम).
  • Manufacturer or Distributer (निर्माता या वितरक का पता, फ़ोन नंबर, आपतकालीन फ़ोन नंबर).
  • Recommended use ( Chemical के प्रयोग करने की सलाह).
  • Restriction on use (प्रयोग करने पर प्रतिबन्ध).

Section 2 – Hazards Identification:

Chemical से सम्बंधित जितने संभावित खतरे होते हैं और तत्वों(elements) से सम्बंधित आवश्यक level.

Section 3 – Composition/Information on Ingredients :

MSDS 16 section में section 3 के अंतर्गत chemical ingredients अर्थात जो रसायन है वह कैसे बना है और उसके साथ trade secret claims दिए गए होते हैं.

Section 4 – First- Aid Measure :

कोई chemical इतना खतरनाक होता है कि अगर कोई व्यक्ति chemical के संपर्क में आता है तो उसका स्वस्थ्य प्रभावित हो सकता है . Section 4 के अंतर्गत अगर कोई व्यक्ति chemical के संपर्क में आता है तो  क्या लक्षण नज़र आते हैं और ऐसे समय में तत्काल और विलम्ब के लिए आवश्यक प्राथमिक उपचार (First Aid) क्या होता है. यह इस section 4 में दिया होता है.

Section 5 –  Fire Fighting Measure :

बहुत से chemical ऐसे होते हैं जो हवा के संपर्क में आते हैं या फिर किसी और chemical से reaction करते हैं तो आग लग सकती है. इसलिए इस section के अंतर्गत उत्पन्न होने वाले खतरों के अनुसार खतरों से जुडी आग बुझाने के लिए तरीके और आग पर काबू पाने वाले उपकरणों के बारे में उचित सुझाव दिए गए होते हैं.

Section 6 – Accidental Release Measures :

अगर chemical किसी स्थिति में रिसाव कर रहा है तो तो उससे बचने के लिए उठाये जाने वाले कदम क्या होंगे? इसके अलावा इसमें emergency procedure के बारे में, सुरक्षात्मक उपकरण (protective equipment) और उस chemical से रोकथान के बारे में दिया होता है. इसके अलावा उस chemical के सफाई के उचित तरीके क्या हैं उसके बारे में पूर्ण विवरण दिया रहता है.

Section 7-  Handling and Storage :

किसी भी खतरनाक chemical को handling करना एक challenging task होता है. खासकर जब खतरनाक chemical का manual handling कर रहे होते हैं. इस section के अंतर्गत safe handling  और storage के लिए precaution दिए होते हैं और store करते समय किस तरह के सावधानियों की अवश्यकता होती है, यह सभी इसी section के अंतर्गत आते हैं.

Section 8 – Exposure Controls/Personal Protection :

इस section के अंतर्गत OSHA’S Permissible Exposure Limit values के अलावा उपयुक्त engineering control और उस chemical का प्रयोग करते समय या handling करते समय किस तरह के appropriate Personal Protective Equipment की अवश्यकता होती है. यह सभी is section में दिया गया होता है.

Section 9 – Physical and Chemical Properties :

इसमें आप को यह जांचना आवश्यक होता है कि msds (material safety data sheet) पर material पर जो विवरण दिया गया है क्या वही material आप के पास उपलब्ध है. यदि ऐसा नहीं है तो आप के पास सही MSDS उपलब्ध नहीं है.

वैकल्पिक रूप से कह सकते हैं material पुराना है और shipping या storage के दौरान विघटन (Decomposite) हो सकती है. ऐसे किसी भी मामले में MSDS की सही जानकारी लागु नहीं हो सकती और इसके लिए आप को अतिरिक्त सलाह की अवश्यकता होती है.

Section 10 – Stability and Reactivity :

यह किसी भी chemical के प्रतिक्रियाशील खतरों (reactivity hazards) का वर्णन करता है तथा और chemical स्थिरिता को दर्शता है.

इस section को तीन part में बाँटा गया है –

  • Reactivity
  • Chemical Stability
  • Others

Section 11 – Toxicological Information :

यह विषाक्त और स्वास्थ्य प्रभाव की जानकारी की पहचान कराता है और इसकी तरह इंगित करता है कि इसके route of exposure क्या हैं अर्थात यह आप के शरीर के अन्दर कैसे प्रवेश कर सकता है जैसे – inhalation, ingestion या absorption contact etc.

इसके साथ जो chemical है अगर उसके सम्पर्क में कोई व्यक्ति आता है तो उसके symptoms क्या होंगे? उसकी गंध क्या होगी? क्या वह लम्बे समय तक व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है?

Section 12 – Ecological Information :

अगर कोई chemical released होती है तो वह chemical environment को कितना प्रभावित कर सकते हैं और उसका प्रभाव कितने समय तक रहेगा.

Section 13- Disposal Consideration :

इस section में यह उल्लेख किया गया होता है कि अगर कोई chemical बेकार हो गया है तो उसे safe handling कैसे किया जाये और उसे कैसे फेंका जाये और इसके अलावा जिस container में रखा गया है उसको कैसे फेंका जायेगा. इस बात का पूरा विवरण इस खंड में दिया गया होता है.

Section 14 – Transport Information :

जो chemical बहुत खतरनाक होते हैं उन्हें transportation में समस्या आती है. क्योकि यह कभी भी और कहीं भी खतरे का कारण बन सकता है. इस section में खतरनाक chemical को shipping के अलावा road और rail से किस प्रकार सुरक्षित एक स्थान से दुसरे स्थान तक पहुँचाया जा सकता है, इसी से सम्बंधित इनफार्मेशन दिए गए होते हैं.

Section 15 – Regulatory Information :

यह product के लिए safety, health और environmental नियमों की पहचान करता है जो कहीं भी SDS (Safety Data Sheet) पर उपलब्ध नहीं होता है.

Section 16 – Other Information :

इस section में यह दर्शाया गया होता है कि SDS कब तैयार किया गया था और इसमें संशोधन कब किया गया. SDS यह भी बताता है कि पिछले version में परिवर्तन कहाँ किये गए हैं और इस परिवर्तन के लिए आप supplier से contact कर सकते हैं और परिवर्तन हुए हैं उसके explanation को जान सकते हैं. इसके अलावा अन्य कोई भी उपयोगी जानकारी है तो उसे भी यहाँ शामिल किया जा सकता है.

 

उपर्युक्त में MSDS 16 section के बारे में पूर्ण जानकारी दी गयी है. फिर भी अगर आप को MSDS 16 section के बारे में समझ नहीं आ रही तो इसे कमेंट के माध्यम से सूचित करें, जिसे उस section को विस्तार दिया जा सके.

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