Safety Audit

Safety Audit

Safety Audit एक तरह का systematic जाँच होता है,जिसके अंतर्गत यह पता किया जाता हैं कि company के लिए जो safety guide line  निर्धारित किया गया है,उसको फॉलो किया जा रहा है या नहीं।

यह दो तरह का होता है-

1.Internal Audit-

यह audit, कंपनी के safety employees के द्वारा किया जाता है.यह इसलिए किया जाता है की company के अंदर safety को और improve किया जा सके.लेकिन इसके disadvantage भी निकल आते हैं,जैसे कि- Safety Audit के दौरान अगर कोई employee, unsafe  ढंग से कार्य करते हुये पकड़ा जाता है तो उसे सिर्फ डांट-डपट के छोड़ दिया जाता न कि किसी प्रकार से fine किया जाता हैं कि चलो डबल्यूएच कंपनी का employee है जबकि नियम के अनुसार ऐसा नहीं होना चाहिए.

2.External Audit-

External safety Audit बाहर के agency, government के किसी employee  या third party के द्वारा किया जाता है। यह Internal Audit से बिल्कुल अलग होता है.इस audit के दौरान अगर कोई employee unsafe ढंग से कार्य करते हुये पाया जाता है या कंपनी,सरकार द्वारा निर्धारित safety guide line को follow  नहीं करती हैं तो ऐसे मे audit team  के द्वारा company पर एक बड़ा fine  लगाया जाता है.इसलिए external audit के दौरान auditor को जिस documentation कि ज़रूरत पड़ती है उसे देने के लिए एचआर संभव प्रयास किया जाता है.

 Safety Audit Procedure

1.Audit Objective-

Safety audit के अंतर्गत यह पता किया जाता है कि ऑडिट का क्या उद्देश्य है,और उस पूरे organization के लिए यह कितना महत्वपूर्ण है।और कौन area मे इसकी आवश्यकता है उस पर focus किया जाता है।

2.Selection of Audit Team –

इस Point के अनुसार audit team  मे number of employee  कितने हैं या कितने होने चाहिए यह company के ऊपर depend करता हैं कि company छोटी है या बड़ी.

3.Contact with Organization Being-

यह पॉइंट कहता है कि जहाँ Audit करने जाना है उससे पहले उस कंपनी से contact करेगे. और अपना जो audit plan  है समझायेगे, और ऑडिट करने के लिए जिस documentation की आवश्यकता होगी उसकी डिमांड करते हैं.

4.Under Taking  the Audit-

इसके अंतर्गत auditor जिस कंपनी का ऑडिट करना होता है, उस कंपनी का दौरा करते हैं और ऑडिट के दौरान जिस documentation की ज़रूरत पड़ती है, जैसे RA Sheet, Checklist, Work Permit System  आदि उसे माँगते हैं, और फिर पुराने ऑडिट के जो पेपर होते हैं उसको मंगाते हैं. और नए वाले से मैच कर यह पता करते हैं कि company, safety मे कितना improvement की है अगर variation ज्यादा मिलता है तो फिर उसके अनुसार कंपनी को दंडित करते हैं.

5.Conclusion-

इसके अनुसार auditor जो ऑडिट किया रहता है उसको analysis करता है, और जिस point पर उसे doubt होता है उसे organization से contact कर क्लियर करता है.

6.Providing Reports of Finding –

Finally वह अपना रिपोर्ट बनाता है और safety audit करते समय जिन-जिन कमियों को पाता है वह कंपनी को सूचित करता है वो भी written  document मे highlight करके.

7.Action  by the Organization

Safety audit करते समय auditor team  के द्वारा जो कमियाँ पायी जाती हैं वह कंपनी को उससे अवगत कराती हैं और यह देखती है की कंपनी में safety  issue  है उसे दूर करने का प्रयास करती है या नहीं.

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