What is Work Place Emergency Procedure ?

Emergency Procedure and Arrangements

जब भी किसी इंडस्ट्री के अंदर कार्य हो रहा होता है तो कार्य स्थल पर emergency की एक ऐसी स्थिति है जो अप्रत्यशयी रूप से किसी को भी खतरे में डाल सकती है। अगर समय से पहले उसके प्रति सचेत ना रहा जाए या उससे निपटने के बारे में विचार ना किया जाए।

इंडस्ट्री के अंदर emergency वहाँ कार्य करने वाले employee, customer या फिर वहाँ उपस्थित पब्लिक को हो सकता है, जो physical या फिर environmental रूप से क्षति पहुँचा सकता है।

जहां तक emergency की बात है यह केवल प्रकृतिक नहीं होता है बल्कि मानव निर्मित (Man Made) भी हो सकता है। जिसे कार्य शुरू होने से पहले निपटने के बारे में विचार किया जाना होता है।

इसमें से कुछ emergency इस प्रकार हो सकते हैं-

  1. बाढ़ आ सकती है (Floods)
  2. तूफान आ सकता है जो इतना भयानक हो सकता है कि तहस नहस का कारण बन सकता है (Hurricanes)
  3. बवंडर कई बार इतना खतरनाक होता है कि सब कुछ तबाह कर देता है (Tornadoes)
  4. आग (Fire)
  5. जहरीली गैस का रिसाव ( Release Toxic Gases )
  6. इंडस्ट्री के अंदर कई बार chemical फैल जाता है जो वातावरण को इतना दूषित बना देना है जहाँ रहना असंभव हो जाता है और चपेट में आने वाले व्यक्ति को emergency कि आवश्यकता हो जाती है।
  7. विस्फोट के कारण emergency सेवा की अवश्यकता पड़ सकती है।
  8. Radiation की चपेट में आने के कारण स्थिति अधिक भयानक हो सकती है।
  9. Horseplay कई बार दुर्घटना की वजह बन जाती है और आपात सेवाएँ लेनी पड़ जाती है।
  10. Human Error के कारण कार्य स्थल पर emergency हो सकती है।

Emergency Procedure –

इंडस्ट्री के अंदर जो भी emergency services या emergency procedure होते है वह ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं . जो भी emergency procedure होते हैं उसके बारे में operator या managers को इसके प्रक्रिया के बारे में पता होना चाहिए, तभी ठीक ढंग से पता किया जा सकता है कि वह proper work कर रहा है या नहीं.

जो भी Operator और managers का यह दायित्व होता है कि समय- समय इसका test करते रहते हैं, भले ही emergency ना हो।

Emergency के दौरान जिस भी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है उसका मूल्यांकन किया जाना चाहिए, जिससे पाये जाने वाले कमी को जाना जा सके और उसमें अगर कहीं संशोधन की गुंजाइश बन रही है तो समय रहते उसमें संशोधन किया जा सके.

Industry के अंदर या site पर उन कर्मियों की पहचान सभी को होनी चाहिए जो emergency service provide करते हैं तथा उन उपकरणों की भी पहचान होनी चाहिए जिसकी साइट पर अवश्यकता हो.

कार्यस्थल पर emergency के दौरान emergency service देने वाली टीम से कैसे संपर्क किया जाता है यह उस विशेष स्थान पर कार्य करने वाले सभी को भली-भाँति पता होना चाहिए। कार्य स्थल पर तेज और प्रभावी करवाही वहाँ की स्थिति पर नियंत्रण करने में मदद कर सकता है।

Points to Include in Emergency Procedure –

Emergency procedure किसी भी खतरनाक स्थिति से निपटने का एक सबसे सुयोग्य विकल्प है
  • कार्य स्थल पर यह अनुमान लगाया जाना चाहिए कि क्या घटित हो सकता है और ऐसे में अलार्म को कैसे बजाया जा सकता है.
  • अपने ड्यूटि शिफ्ट को कभी ना भूलें कि यह रात में है या दिन में और छुट्टी का दिन आप को हमेशा याद रखना होता है। ऐसा ना हो कि कहीं परिसर बंद हो.
  • किसी भी कार्य को योजना बनाएँ और मूल्यांकन करते रहे कि योजना बद्ध तरीके से किया जा रहा है या नहीं, इस योजना में यह भी शामिल करें कि आपातकालीन सेवा के दौरान कैसे कॉल किया जाना चाहिए.
  • घटना स्थल से सड़क को स्पष्ट चिन्हित्त करने के पश्चात ही सहायता के लिए आगे बढ़ना चाहिए.
  • Emergency के दौरान बचाने के लिए योजना तैयार करते समय इस पर विचार किया जाना चाहिए कि emergency सेवा देते समय कहीं खतरनाक वस्तु के संपर्क में आने की तो संभावना नहीं है.
  • यह पहले से ही तय किया जाना चाहिए सुरक्षित स्थान पर पहुँचने के लिए या बचाव के लिए कहाँ जाना है। इस दौरान rescue team के पास प्र्याप्त लाइट उपलब्ध होना चाहिए.
  • आप को कार्य शुरू होने से पहले कम से कम तीन emergency exit तैयार करनी चाहिए, जो emergency के समय तेजी से बाहर निकलने में सहयोग प्रदान कर सके।
  • Emergency Exit के बाहर किसी भी तरह का व्यवधान उत्पन्न करने वाली सामग्री नहीं रखी जानी चाहिए. अर्थात route पूर्ण रूप से साफ सुथरा होना चाहिए।
  • कार्य से पहले एक निकासी नीति को develop किया जाना चाहिए।
  • इमरजेंसी के दौरान नियंत्रण लेने के लिए ऐसे व्यक्तियों का चयन करें जो सक्षम हो, जिसके पास emergency के दौरान कार्य किया जाने का अथाह ज्ञान हो और वह इस क्षेत्र में पूर्ण अनुभव रखता हो।
  • Emergency के दौरान किसकी क्या responsibilities है यह स्पष्ट रूप लिखा होना चाहिए और समय-समय उन विशेष व्यक्तियों को mock drill के माध्यम से याद दिलाते रहना चाहिए.
  • यह पहले ही तय कर लें कि घटना स्थल पर किस तरह के तकनीकी लोगों की अवश्यकता पड़ सकती है जैसे – घटना नियंत्रक ( जो incident को कंट्रोल कर सकता हो और अवश्यकता पड़ने पर site से संबन्धित आवश्यक information दे सकता हो. और उस व्यक्ति को प्राथमिक उपचार का महत्वपूर्ण ज्ञान हो )
  • जितने भी आवशक कार्यवाइ हों उनकी योजना बनाएँ जैसे – emergency plant को कैसे बंद किया जाए, isolation के प्रक्रिया को कैसे सुरक्षित बनाया जाए. इसके अलावा valves और electrical isolation को कैसे बंद किया जाये.
  • गंभीर खतरा होने पर आपात स्थिति के बाद तुरंत काम को शुरू नहीं कर देना चाहिए।
  • अगर emergency सेवा प्रदान करते समय किसी भी तरह का संदेह हो तो उसे पूछ लेना चाहिए.
  • आपातकालीन सेवा के बारे में बार-बार पढ़ते रहना चाहिए, सेवा प्रदान करते समय अगर कहीं कोई बिन्दु स्पष्ट नहीं हो रहा हो तो उसे पुनः पढ़ लेना चाहिए.
  • Emergency सेवा प्र्दान करने वालों को समय-समय पर trained करते रहना चाहिए

Emergency Response Plan in Hindi

Conclusion –

किसी भी कार्यस्थल पर emergency procedure इतना महत्वपूर्ण है जितना हम इसकी परिकल्पना नहीं कर सकते। इसका आभास तब होता है जब किसी आपात स्थिति में अनेकों की जान बचा ले जाते हैं। इसलिए कार्य शुरू होने से पहले उन सभी आपातकालीन प्रक्रियाओं के बारे में पता होना चाहिए और उस सभी उपकरण को उपलब्ध किया जाना चाहिए जिसकी अवश्यकता हो.

Latest Articles