July 27, 2021
Hazards and Precaution Job Hazard Analysis knowledge Uncategorized

HAZOP Full Form or HAZOP Study in Hindi

Full Name of HAZOP-Hazard and Operability Study

HAZOP एक short name हैं इसका पूरा नाम Hazard and Operability Study होता है.

Definition Of HAZOP-

“HAZOP एक सुनियोजित तरीका (systematic way) है जिसके माध्यम से हम किसी भी कार्य के दौरान होने वाले संभावित खतरों को पहचानते हैं.”

HAZOP Pic-1

इसको follow करने का ढंग यह है कि working site पर होने वाले किसी भी कार्य को छोटे-छोटे भागों तोड़ते हैं और प्रत्येक step में गहराई से parameter को ध्यान में रखते हुये छोटे-छोटे संभावित खतरों को identify करते हैं और पहचानते ताकि कोई संभावित खतरा न छुट जाये.

कहने का तात्पर्य यह है कि जब किसी काम को break कर लेते हैं तो हर एक step को इस तरह से observation करते हैं कि कहीं से कोई भी संभावित खतरा छूटने न पाये.

इसका प्रयोग मुख्यत chemical production, piping  system आदि जगहों पर किया जाता है.जहाँ बहुत सारे containers सर दर्द का कारण बना रहता है.

HAZOP and Hazard Analysis System-

HAZOP Pic-2

जब किसी कार्य स्थल पर हम संभावित खतरों को identify करते हैं तो यह process ऐसे स्थानो पर और भी कठिन हो जाता है जहाँ risk का level high होता है.जब potential hazards को identify करना होता है तो एक effective analysis की आवश्यकता पड़ती है.बिना इसके potential hazards को पता लगाना आसान नहीं होता है.अन्यथा आगे चलकर यह चोट और नुकसान का कारण बन सकता है.

आप इसे इस तरह भी कह सकते हैं,”एक accident का cost,एक analysis के cost से कई गुना अधिक होता है.”

ऐसे नहीं हैं की कार्य स्थल पर खतरों को पता करने के लिए केवल और केवल HAZOP है.इसके अलावा JHA ,HIRA ,JSAआदि effective method हैं.जिसके माध्यम से हम work place पर potential hazards को identify कर सकते हैं.लेकिन हर एक process में कुछ अच्छाई है तो कुछ कमियाँ.इसलिए संभावित खतरों को पता करने के लिए इतने सारे method develop किए गए.अगर इन सभी potential hazards को पता करने के लिए method  पर ध्यान दिया जाये तो जो सबसे अच्छा process है वह JHA (Job Hazard Analysis ) हैं.क्योंकि यह site पर होने वाले प्रत्येक कार्य पर विचार करता है जिसे प्रत्येक workers को करना चाहिए.

Process of HAZOP (HAZOP Study Examples)

नीचे कुछ points दिये गए हैं, इस procedure को HAZOP  के समय अनुसरण किया जाता है जो निम्न है –

HAZOP

1.Select the Job or Task-

सबसे पहले हम जिस काम का HAZOP करना होता है उसे चुनेंगे.HAZOP उस काम के लिए चुनते हैं जहाँ दुर्घटना की संभावना ज्यादा होती है.

2.Arrange the Team-

जिस भी कार्य का HAZOP करने जा रहे हैं उससे पहले एक team  बनाएँगे.इस team के जितने भी सदस्य होंगे वह सभी competent होंगे अर्थात उन्हे जिस काम का HAZOP किया जाना हो उसके बारे पूर्ण जानकारी होनी चाहिए.अन्यथा HAZOP  उतना effective नहीं हो पाएगा और काम के दौरान खतरों का सिलसिला जारी रहेगा.

3.Make a Plan and Collect the Data Information-

HAZOP study को शुरू करने से पहले एक plan बनाएँगे.उस plan के अंतर्गत जिस भी data की आवश्यकता होगी उसे collect करें और जितना ज्यादा हो सके उस काम से संबन्धित information जुटाएँगे.जिससे HAZOP  complete होने के बाद काम को safe procedure  में कराया जा सके.

4.Arrange a schedule-

किसी भी काम को करने से पहले schedule को बनाना अतिआवश्यक होता है.इसमें इस बात को mention किया जाना चाहिए कि कौन सा काम कब करना है.जिससे काम को सही समय पर बिना किसी व्यवधान के समाप्त किया जा सके.

5.Divide the Job into Parts-

HAZOP के अंतर्गत हम काम को कई भागों में बांटेगे और प्रत्येक भाग को ठीक ढंग से study करेंगे और उसमे potential hazard को identify कर उसे दूर करने का प्रयास करेंगे.

6.Select a Part –

जब काम को छोटे-छोटे भागों में तोड़ लेंगे उसमें से हर एक भाग तो ठीक से study करेगे और करने के पश्चात जो कमी नज़र आ रही है उसे दूर करने का प्रयास करेंगे.

7.Identify the problems, hazards, consequence by the help of day –

जिस job को हमने  select किया है उस कार्य से संबन्धित क्या-क्या problem है उसे दूर करने का प्रयास करेंगे और hazards को identify करने के पश्चात एक-एक को दूर करने का प्रयास करेंगे और यह काम संभव हो तो उसी दिन करेंगे.

8.Identify Possible Remedial Measure-

जब संभावित खतरों को भाँप लेगें उसके बाद उससे संबन्धित कौन से precaution लेंगे अर्थात उस potential hazards के लिए सटीक control measure क्या होगा वह काम शुरू होने से पहले उपलब्ध कराएंगे.

9. Repeat the Same for Each Part-

जिस तरह से हम पहले step में hazards को identify कर रहे हैं उसी तरह हर एक step में इसका अनुसरण करेंगे,जिससे की कोई part छुट न पाये और संभावित खतरे की संभावना बनी रहे.

10.Record the Examination –

HAZOP के दौरान भी hazards को identify किया है या काम के दौरान जो कमी पायी गयी है उसे एक record की तरह लिख लेंगे.इससे सबसे बड़ा benefit यह होता है कि जब हम precaution देते हैं किसी भी hazards को identify के पश्चात तो इसमे आसानी होती है.

11.Follow up that action are implemented-

Hazards को identify करने के बाद जो action लिया गया है उसको सख्ती के साथ implement करेंगे, जिससे किसी भी प्रकार कि होने वाली दुर्घटना से बचा जा सके.

12.Restudy the Parts-

जब कोई भी नियम बना लेते हैं और उसे implement कर देते हैं तो फिर हम प्रत्येक parts को restudy करते हैं.जिससे कमी को ढूंढ कर उसे दूर किया जाये और होने वाले accident पर विराम लगाया जा सके.

13.Produce final output report-

जब सारे steps को follow कर लेते हैं उसके बाद एक report तैयार करते हैं, जिस पर काम के दौरान पाये गए potential hazards से लेकर safety precaution सब कुछ mention होता है.यह report management को सौंप देते हैं.

Result of HAZOP Study –

HAZOP Pic-3

जहाँ तक मेरा मानना है HAZOP के mental exercise कह सकते हैं.जब कोई भी new work शुरू करते हैं तो इसे नयी योजना के निर्माण के लिए इसे implement कर सकते हैं, यहाँ तक की जब एक facilities के built(निर्माण) से पहले भी.HAZOP के द्वारा company के अंदर दिये गए facilities और procedure का भी observation करने के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है.

जब कोई work शुरू करते हैं तो HAZOP के study का यही मतलब होता है कि काम के दौरान work failure  कि संभावना है उसकी पहचान की जाये.

जब HAZOP study करते हैं तो एक team बनाते हैं लेकिन team बनाते समय इस बात का ध्यान देते हैं कि क्या जो member HAZOP के लिए चुना गया है वो competent है या नहीं.यह इसलिए किया जाता है कि study करते समय संभावित विचलन (potential deviation), उनके result, उनके कारणो का का मूल्यांकन ठीक ढंग से किया जा सके.

HAZOP के दौरान जिन points को discuss किया गया है लेकिन वह उतना effective नहीं है तो ऐसे में उस points को बदलने की पूरी आजादी होती है.क्योंकि NAZOP का उद्देश्य काम के दौरान खतरों को कम करना होता है और इसमें हम यही करते हैं प्रत्येक समस्या की पहचान करते हैं और उसका समाधान तैयार करते हैं.

HAZOP के बाद भी अगर किसी dangerous situation की पहचान की गयी तो उसके बदलने की सिफ़ारिश की जा सकती है, या किसी expert के द्वारा पुनः study करने की ज़रूरत होती है.एक HAZOP study जो typical action होता है उससे और सरल बनाने की कोशिश कर सकता है.

इसे निम्न बिन्दुओं के माध्यम से भी समझा जा सकता है-

  • जिस कार्य के लिए HAZOP को study किया गया है उसे specialist द्वारा उसका review करा लेंगे.
  • अगर लग रहा है काम के दौरान कुछ गलत हो रहा है तो ऐसे में HAZOP को modify किया जा सकता है.
  • Relief system को modify करना या उसमे सुविधा के अनुसार कुछ जोड़ना.
  • Ventilation system को जोड़ा सकता है या उसे modify भी करने की पूर्ण आजादी होती है.
  • जो sampling  और testing frequency का procedure है उसे बढ़ाएँगे, जिससे risk का level कम किया जा सके.

इसे भी पढ़ें-

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